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उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने ली थानेदारों को क्लास
September 25, 2019 • डेस्क

*लखनऊ में अपराधों से नाराज डीजीपी अफसरों से बोले, ऐसी घटनाओं पर आपको शर्म नहीं आती*


राजधानी लखनऊ में हाल के दिनों में हुई अपराध की घटनाओं से नाराज डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने लखनऊ में तैनात एचएचओ से लेकर एडीजी जोन तक को जमकर फटकार लगाई। डीजीपी ने मंगलवार को कहा कि अगर राजधानी में इस तरह की घटनाएं होंगी तो प्रदेश में किस तरह का मैसेज जाएगा? आप लोगों को इस तरह की घटनाओं पर शर्मिंदगी नहीं होती?


डीजीपी ने लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथनी को निर्देश दिया कि जो घटनाएं अनसुलझी हैं, 10 दिन में उनका खुलासा न करने वाले एसएचओ को पद से हटाएं। जो इंस्पेक्टर परफॉर्मेंस नहीं दे पा रहे हैं, उनका दूरस्थ जिलों में तबादला किया जाएगा।

डीजीपी को बताया गया कि राजधानी में गत वर्ष के मुकाबले अपराध की घटनाओं में कमी आई हैं। इस पर डीजीपी ने कहा कि जो घटनाएं हुई हैं, वह भी नहीं होनी चाहिए। हाल के दिनों में हुई घटनाओं में शामिल अपराधी क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं?

* पहली बार राजधानी के थानेदारों की ली क्लास *


शायद यह पहली बार था जब डीजीपी ने राजधानी के सभी 42 थानों के इंस्पेक्टर, सभी 14 सर्किल के क्षेत्राधिकारी, पांच अपर पुलिस अधीक्षकों सहित अन्य अफसरों की क्लास ली।
सभी अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से खेलते हैं
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने एडीजी, आईजी और एसएसपी के साथ सभी अपर पुलिस अधीक्षकों से कहा कि सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाएं और नीचे के अधिकारी और पुलिस कर्मी की जिम्मेदारी तय करें। गाड़ियों की चेकिंग करने के बजाए योग्य व्यक्तियों की चेकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के शीर्ष 10 अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

* अभियान चलाकर हो विन्सेंस और कारटून का विरोध *


डीजीपी ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी संयुक्त रूप से शस्त्र आवेदन पत्र दुकानों के कारतूसों की आकस्मिक चेकिंग करें। शस्त्र की दुकानों से निर्गत कारतूसों और लाइसेंस धारी के पास उपलब्ध कार्टूनों का विरोध कर वस्तुस्थिति का पता लगाकर कार्रवाई करें।