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30 आयुष आरोग्य केन्द्रों पर मरीजों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ, शेष  67 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मार्च से मिलेगी सुविधा  
February 6, 2020 • TRUE स्टोरी टीम • स्वास्थ्य

मेरठ। - (संजय वर्मा)राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जिले में 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में विकसित हुए आयुष आरोग्य केन्द्र मरीजों के लाभकारी साबित हो रहे हैं। इन केन्द्रों पर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वालों को अब छोटी बीमारियों के उपचार के लिये शहर जाने की जरूरत नहीं है। आरोग्य केन्द्र पर मरीजों को उपचार के साथ दवा भी आसानी से मिल रही हैं।  
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ( सीएमओ) डा. राजकुमार ने बताया आयुष आरोग्य केन्द्रों के लिये ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती की गयी है। आरोग्य केन्द्र फर्स्ट रेफरल यूनिट का काम भी करेंगे। इन केन्द्रों पर यदि कोई गंभीर मरीज पहुंचता है तो उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर किया जा रहा है। उन्होंने बताया आरोग्य केन्द्र पर एक स्वास्थ्य कर्मी व दो एएनएम तैनात की गयी हैं।  जिला अधिकारी स्तर से इन केन्द्रों के कार्य की समीक्षा लगातार की जा रही है। उन्होंने बताया 30 केन्द्रों पर सेवा शुरू हो गयी है, जबकि 67 केन्द्रों का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मार्च में यहां भी स्वास्थ्य सेवा शुरू हो जाएगी।
 सरकारी चिकित्सा प्रणाली में योग और अन्य भारतीय उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य के हर जिले में आयुष आरोग्य केन्द्र स्थापित करने का फैसला लिया था। इसकी शुरुआत गत वर्ष तीन सितम्बर से मुजफ्फरनगर से आरंभ हुई। प्रदेश सरकार की मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक 75 जिलों में ऐसे केन्द्र स्थापित करने की योजना है।
मिल रही सुविधा  
  विकसित किये गये आरोग्य केन्द्रों पर हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, गर्भ की जांच, एल्बोमिन व ग्लोकोज की जांच, मलेरिया की जांच, डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ओैर बलगम जांच की सुविधा है।
 मिल स्वास्थ्य सेवाएं
 गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल ,संचारी रोग का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार ,परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक एवं प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, रेफरेल व फॉलोअप की सुविधा मिल रही है। इन केन्द्रों पर प्रति माह पांच से छह हजार मरीजों का उपचार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज भेजा जा रहा है।