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अब पुरूषों की बारी- परिवार नियोजन में करें भागीदारी,   परिवार नियोजन पखवाडा २१ नवम्बर से 
November 20, 2019 • TRUE स्टोरी टीम

संजय वर्मा/
 मेरठ । परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढा कर जनसंख्या स्थिरता के लिये जिले में आज  से पुरूष नसबंदी पखवाडा कल गुरूवार से शुरू हो रहाहै। इसके तहत परिवार नियोजन में पुरूषों की सहभागिता को बढाने के लिये पुरूष नसबंदी के विषय में आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। 
 नोडल अधिकारी डा.पूजा शर्मा ने बताया  अब है पुरूषों की बारी परिवार नियोजन में भागीदारी की थीम पर मनाये जाने वाले पखवाडे में बेहतर उपलब्धि के लिये २१ से २७ नवम्बर तक आशा द्वारा लक्ष्य दंपत्ति का पंजीकरण एवं सम्पर्क चरण तथा २८ नवम्बर से ४ दिसम्बर तक सेवा प्रदायगी चरण होगा।पखवाडे के दौरान आशा एवं एनएनएम द्वारा इच्छूक दंपत्ति की चिन्हित किया जाएगा। प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिये महिलाओ के साथ पुरूषों की भी समान जिम्म्ेादारी है, इसके बावजूद जिले में महिला नसबंदी के मुकाबले पुरूष नसबंदी काफी कम है जो परिवार नियोजन में पुरूषों को सहभागिता पर कई प्रश्न खडे करता है। 
 सीएमओ डा राजकुमार ने बताया प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में परिवार नियोजन की बहुत बडी भूमिका है। इसके लिये लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशिभी दी जाती है।  नसबंदी कराने वाले पुरूषों और महिलाओं को तीन हजार  व महिलाओं को दो हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाते है। इसके अलावा पोस्टमार्टम स्टरलाइजेशन यानी प्रसव के तुरंत बाद नसबंदी कराने वाली महिलाओं को ३००० रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।  उन्होंने बताया पुरूष नसबंदी आसान है । नसबंदी करने के  बाद व्यक्ति उसी दिन घर जा सकता है। 
नसबंदी कराने से शारीरिक शक्ति में कोई कमी नहीं आती 
  सीएमओ  ने बताया लोगों में भा्रन्तियां है कि नसबंदी कराने से पुरूष की शारीरिक शक्ति में कमी आ जाती है। लेंकिन ऐसा नहीं है। बडी संख्या में लोग पुरूष नसबंदी कराने के बाद स्वस्थ्य व सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे है। 
 जिले की यह है स्थिति 
  मेरठ में ११ जुलाई से २३ तक जनसंख्या स्थिरता पखवाडा चलाया गया था। जिसमें जहां ३५१ महिलाओं ने नसबंदी और ५५ पुरूषों ने नसबंदी करायी। ६७६ महिलाओं ने आईयूसीडी करायी। प्रसव के पश्चात २६० महिलाओ ने कापर टी लगवायी। ४६५८९ कंडोम का इस्तेमान परिवार नियोजन के लिये किया गया। ४५४२ माला डी का प्रयोग महिलाओ ने किया। १०८७ छाया गर्भ निरोधक गोली का प्रयोग किया गया। जबकि ११६२ अंतरा गर्भ निरोधक इंजेशन महिलाओं ने लगवाये।