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किसान सम्मान निधि को लेकर प्रशासन के दावे फेल,जारी किए गए नम्बरों पर नही हो रहा समाधान।
April 22, 2020 • TRUE स्टोरी टीम • मुज़फ्फरनगर

 

किसान सम्मान निधि मिलने में आ रही समस्या के समाधन के लिए सीडीओ ने जारी किए थे सम्पर्क सूत्र
किसानों के फोन करने पर भी नही हो रहा समस्या का समाधन।
नईम चौधरी
मीरापुर।। किसान सम्मान निधि योजना के लाभ मिलने में आ रही समस्याओं के समाधन के लिए प्रशासन द्वारा जारी किए गए नम्बरों पर समस्याओं का समाधान नही हो पा रहा है।अधिकांश किसानों प्रशासन द्वारा जारी किए गए नम्बरों पर वार्ता करने पर संतोषजनक जवाब नही मिलने की शिकायत की है।
लॉक डाउन के चलते किसानों को  कोई समस्या न हो इसके लिए सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की किश्ते एडवांस में डालने के आदेश दिए थे।किन्तु इसके बावजूद अधिकांश किसानों को योजना का लाभ किसी न किसी कारणवश मिल नही पा रहा था जिसकी शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने सम्बंधित अधिकारियों से साथ बैठक कर किसानों की समस्या के समाधान के लिए कुछ कर्मचारियों की डयूटी किसानों की समस्या के समाधान के लिए लगाई थी।सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी ने किसान सम्मान निधि योजना से सम्बंधित शिकायतों के समाधान के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की डयूटी लगाते हुए उनके फोन नम्बर सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में किसानों के लिए जारी किए थे।जिसके बाद मीरापुर क्षेत्र के काफ़ी संख्या में किसानों ने जारी किए गए नम्बरों पर अपनी किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नही मिलने की शिकायत दर्ज कराने के लिए उक्त नम्बरों पर फोन किया तो बताया गया कि सम्बंधित कर्मचारी ने फोन पर कोई संतोषजनक जवाब नही दिया।किसान सुनील,शैलेन्द्र,सुशील, सुरेशपाल, ऋषिपाल, आदि का कहना है कि उन्होंने कई बार किसान सम्मान निधि के लिए ऑन लाइन आवेदन के अलावा लेखपालों व ब्लॉक कर्मचारियों को अपने समस्त कागज जमा कराए है किन्तु उन्हें आज तक कोई लाभ इस योजना का नही मिला है।कई किसानों का कहना है कि उनकी मात्र एक किश्त आज तक आ पाई है।जिसके चलते वह भी कई बार ब्लॉक व तहसील के चक्कर लगा लगाकर थक गए किन्तु कोई सुनवाई नही हो पाई।अब उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा जारी किये गए नम्बरों पर सम्पर्क किया तो यहाँ भी कोई संतोषजनक जवाब नही मिला।किसानों का आरोप है।कि प्रशासन केवल कागजों में ही समस्याओं के समाधान के दावे कर रहा है जबकि सच्चाई कुछ और है।