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प्रधान मंत्री मातृ वृन्दन योजना के तहत अब सिर्फ एक बार पंजीकरण
November 3, 2019 • TRUE स्टोरी टीम/रविता

 

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अब पहली और दूसरी किश्त के लिए एक ही बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पहले दोनों किश्तों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था। हालांकि इस व्यवस्था में केवल रजिस्ट्रेशन एक साथ कराने का लाभ है, किश्त की धनराशि समय सीमा पूरी होने पर ही मिलेगी

यह जानकारी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नोडल अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने दी। उन्होंने बताया इस व्यवस्था से गर्भवती महिला और उसके परिवार के सदस्यों को अब तीनों किश्तों के रजिस्ट्रेशन के लिए केवल दो बार नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड़ेगा। पहले हर किश्त के लिए अलग-अलग जाना पड़ता था।योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक निरुद ने बताया योजना के तहत पहली बार मां बनने पर सरकार तीन किस्तों में पाँच  हजार रुपये देती है। पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जाँच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं।

अब नयी व्यवस्था के तहत महिला को पहली और दूसरी किश्त के लिए एक साथ रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जा रही है। हालांकि किश्त की धनराशि समय सीमा पूरी होने पर ही मिलेगी। उन्होंने बताया पहली बार मां बनने पर अंतिम मासिक चक्र (एलएमपी) के 100 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराने पर पहली किश्त जारी की जाती है। उसके बाद एलएमपी के 180 दिन के भीतर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने पर दूसरी किश्त मिलती थी। अब किश्त की धनराशि तो उसी समय पर ही मिलेगी, लेकिन रजिस्ट्रेशन दोनों का एक साथ हो जाएगा। उन्होंने बताया पहली किश्त के लिए फार्म 1 ए और दूसरी के लिए फार्म 1 बी भरा जाता है। मातृ वंदना योजना के नोडल अधिकारी ने कहा कि धन व जागरूकता के अभाव में अधिकतर गर्भवती महिलाएं बेहतर पोषण से वंचित रह जाती हैं। ऐसे लोगों के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सभी आय वर्ग की महिलाओं को शामिल किया गया है। इससे महिलाओं को समय पर उचित पोषण तो मिलेगा ही, साथ ही कुपोषण के कारण शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी।