ALL स्वास्थ्य मुज़फ्फरनगर शामली राज्य नेशनल अपराध सरधना आर्थिक जगत BULANDSHAHAR
राष्ट्रीय बालिका दिवस आज,लिंगानुपात के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक
January 23, 2020 • TRUE स्टोरी टीम


 
नोएडा। जनपद में शुक्रवार (24 जनवरी) को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने का मकसद लिंगानुपात को सुधारने की दिशा में प्रयास करना है। इसके साथ ही पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994( पीसीपीएनडीटी) के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (उप्र) के मिशन निदेशक विजय विश्वास पंत के पत्र का हवाला देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अनुराग भार्गव ने बताया हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर जनपद स्तरीय रैली एवं गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।  गोष्ठी में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी एवं डिग्री कालेजों के विद्यार्थियों व जनपद में कार्यरत  स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। रैली का समापन गोष्ठी के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा जेंडर सेंसिटाइजेशन वर्कशाप का आयोजन भी किया जाएगा। मिशन निदेशक के निर्देशानुसार यह कार्याशाला जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इसमें जिला, ब्लाक स्तरीय अधिकारियों-सीडीओ, बीडीओ, बीएसए, पीओ- महिला एवं बाल विकास, सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक, अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट एवं जिले में पदस्थ महिला विशेषज्ञ तथा सहयोगी संस्था टीएसयू- यूनीसेफ के प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। कार्यशाला में प्रतिभागी जेंडर सेंसिटाइजेशन विषय पर विचार - विमर्श करेंगे एवं लिंगानुपात में हो रही गिरावट पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएंगे। लिंगानुपात के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हैंडबिल्स बांटे जाएंगे।
क्या है पीसीपीएनडीटी एक्ट
पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 भारत में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए एक संघीय कानून है। इस अधिनियम से प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोड़े या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल सजा और 10 से 50 हजार जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
मुखबिर योजना
प्रदेश सरकार ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए मुखबिर योजना भी  चलायी है। योजना के तहत कन्या भ्रूण हत्या की जानकारी देने वाले को सरकार की ओर से दो लाख रूपये का इनाम दिया जाता है। मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाती है।