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रंगे उल्फत  से  खेलकर  होली, दिल से नफरतों को मिटायें हम:डॉ.फुरकान
March 8, 2020 • TRUE स्टोरी टीम • सरधना

होली ऐसा त्यौहार है जो रंगों से सराबोर होता  है  इस त्यौहार पर रंगों के अलावा लोग कई प्रकार के प्रोग्राम भी आयोजित करते हैं जिसका नाम होता है ,होली मिलन समारोह, प्रत्येक वर्ग के लोग इसमें शामिल होते हैं और होली की खुशियों को आपस में बांटते हैं। होली के इस अवसर पर  आज
 विधार्थी विकास मंच के तत्वाधान में  हिंदू मुस्लिम एकता भाईचारा कायम रखने हेतु होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में शायरों व कवियों ने भाई चारे की मजबूती को लेकर संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपजिलाधिकारी अमित कुमार भारतीय ने किया। उपजिलाधिकारी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहां यही अवसर  हैं जब लोग एक दूसरे से अपनी खुशियों का इजहार करते हैं होली के इस त्यौहार को रंगों का त्योहार भी कहा जाता है सभी वर्गों के लोग एक दूसरे को रंग,गुलाल लगाकर खुशियों का इजहार करते हैं ।  होली के रंग कवियों के संग कार्यक्रम में मध्य प्रदेश से आए कवि सतीश आनंद ने कहा - कोई हिंदू कोई मुसलमान की बात करता है कोई नहीं मिलता जो इंसान की बात करता है उन्हें फुर्सत नहीं औरों को कोस लेने से  ढूंढे नहीं मिलता जो हिंदुस्तान की बात करता है। मेरठ से आए कवि संजीव त्यागी ने कहा- दोस्तों  मैं मोहब्बत का पैगाम लाया हूं  मिटा कर यह नफरतें किस्सा आम लाया हूं रोशन हुआ ना आज तक इनसे कोई चिराग बो दो पेड़ मोहब्बत के मैं ऐसी शाम लाया हूं। शायर सुहेल ने अपने दिल की बात कुछ इस तरह कहीं- वह हिंदू को भी मारता है तो मुसलमान को भी मारता है सिख को भी मारता है ईसाई को भी मारता है मिस्ड कॉल करने वाले का कोई मजहब नहीं होता। सईद कुरैशी ने कहा नफरत के अंधेरों को उल्फत से मिटायेंगे  ए प्यारे वतन तुझ को हम  गुलजार बनाएंगे। श्रीमती उज़्मा परवीन ने कहा- लक्ष्मण नहीं है कोई भी घनश्याम नहीं है अब अमन और शांति का कहीं नाम नहीं है दुनिया को तबाही से बचाना भी है मुश्किल रावण तो बहुत हैं मगर राम नहीं है। डॉक्टर फुरकान सरधनवी ने अपने दिल की बात कुछ इस तरह कही - जज्ब-ए-इखलास यूँ दिखाएं हम  हाथ दुश्मन से भी मिलाएं हम रंग ए उल्फत से खेल कर होली दिल से नफरत को अब मिटाएं हम। कविवर जगबीर सिंह त्यागी राजेश्वर घायल संजीव त्यागी नरेंद्र त्यागी डॉ अनीता त्यागी कशिश कोमल रस्तोगी शकील अहमद ताबिश अब्दुल सत्तार साहिल आदि ने अपनी शायरी व कविताओं के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने व भाईचारा मजबूत करने का संदेश दिया। रामलीला परिसर के निकट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विवाह मंडप में आयोजित कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष फैयाज अहमद उपाध्यक्ष शेखर त्यागी
मुख्य अतिथि के रूप में ईश्वर नर्सिंग होम के संचालक डॉ सुनील त्यागी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस क्षेत्रीय अधिकारी पंकज कुमार सिंह थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार मलिक पूर्व चेयरमेन निजाम अंसारी सूर्यदेव त्यागी ठाकुर प्रीतीश कुमार सिंह शिक्षक दीपक शर्मा पूर्व सैनिक सुरेश सोम खेड़ा सरधना व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज जैन समाज सेवी समर  कुरैशी डॉक्टर शाकिर हुसैन पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी भाजपा नगर अध्यक्ष राजीव जैन हिमालय हॉस्पिटल के संचालक डॉ ओंकार पुंडीर जीशान कुरैशी आगा मोहम्मद अली शाह हाजी अकबर चौधरी कुलदीप त्यागी एडवोकेट मलखान सैनी एडवोकेट वैश्य मंच अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर महेश सोम इरफान जावेद सिद्दीकी सरदार सुखबीर सिंह पनेसर आदि रहे। होली के रंग कवियों के संग कार्यक्रम में मध्य प्रदेश से आए कवि सतीश आनंद ने कहा - कोई हिंदू कोई मुसलमान की बात करता है कोई नहीं मिलता जो इंसान की बात करता है उन्हें फुर्सत नहीं औरों को कोस लेने से  ढूंढे नहीं मिलता जो हिंदुस्तान की बात करता है
 अनिल मौर्य जावेद अंसारी मनमोहन त्यागी आदि ने सभी अतिथियों का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर रमेशचंद यूनुस अंसारी सभासद यूसुफ अंसारी सुभाष विशालपूरी शाकिर अंसारी रहीसुद्दीन उर्फ़ मुन्ना कुरैशी सलीम अंसारी आदि ने शायर व कवियों की हौसला अफजाई की। 
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अहमद हुसैन
True स्टोरी