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सारी रात सड़क किनारे सिसकता रहा बाइक सवार, साथी हुआ फरार- चली गई जान। पुलिस की जांच में उलझ गया मामला
November 12, 2019 • TRUE स्टोरी टीम

(अहमद हुसैन)

मेरठ-करनाल हाईवे स्थित बपारसी पुल के निकट तेज रफ्तार बाइक सवार अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराए। इसके बाद दोनों बाइक सवार गहरी खाई में जा गिरे। मौके से एक युवक अपने साथी को घायल अवस्था में छोड़कर वहां से फरार हो गया। सुबह जब किसान खेत में काम करने पहुंचे तो घायल अवस्था में एक युवक का  शव दिखाई दिया। जिसके बाद किसान ने पुलिस को खेत में अज्ञात शव पड़ा होने की सूचना दी। सूचना पाकर  पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक युवक की शिनाख्त करने के प्रयास में जुट गई। वहीं घटनास्थल के पास से निकल रहे एक युवक ने शव की शिनाख्त करते हुए परिजनों को हादसे की सूचना दी। वहीं सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि गांव का ही एक युवक उसे अपनी रिश्तेदारी में ले जाने की बात कहकर मृतक को सोमवार सुबह अपने साथ ले गया था। जिसके बाद वह घर नहीं पहुंचा था। परिजन बिना पुलिस कार्यवाही के शव को अपने साथ ले गए।मेंहरबान पुत्र रिजवान निवासी गांव चंदहेडी बुढ़ाना को गांव का ही रहने वाला उसका मित्र साबिर पुत्र शकूर अपनी रिश्तेदारी में ले जाने की बात कहकर सोमवार सुबह अपने साथ बाइक पर ले गया था। दोनों युवक नशा करने के आदि थे। दोनों बाइक पर सवार होकर सोमवार देर रात गांव के लिए चले थे। जैसे ही उनकी बाइक बपारसी पुल के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई। जिसमें दोनों लोग बाइक सहित नीचे खाई में जा गिरे। वहीं हादसे के बाद शाकिर मृतक मेहरबान को घायल अवस्था मे वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। सुबह बपारसी निवासी किसान रिसपाल पुत्र भजन सिंह अपने खेत में पहुंचा तो उसने खेत के किनारे अज्ञात शव पड़ा देख डायल 112 पर सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया। उसी दौरान चंदहेडी निवासी याकूब अपनी बाइक पर सवार होकर मेरठ जा रहा था। उसने शव की शिनाख्त अपने गांव निवासी मेहरबान पुत्र रिजवान के रूप में की और गांव में हादसे की जानकारी दी। जिसके बाद घटनास्थल पर पहुँचे परिजनो ने कार्यवाही कराने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर श परिजनों के हवाले कर दिया।


 हेलमेट होता तो बच सकती थी जान


मृतक मेहरबान ही बाइक चला रहा था। बाइक चलाते वक्त उसने हैलमेट नहीं पहना था। जब उनकी बाइक पुलिया से टकराई तो मेहरबान के सिर में ही गंभीर चोटें लगी। जिससे उसकी नाक में से खून आ रहा था। अगर वह हैलमेट पहने हुए होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।