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सराहनीय:लॉक डाउन के चलते दो माह से शीतला माता मन्दिर पर फंसे 18 मुस्लिमों के भोजन की व्यवस्था कर रही है मन्दिर समिति
May 6, 2020 • TRUE स्टोरी टीम • मुज़फ्फरनगर


शीतला माता मन्दिर पर शीतला सप्तमी पर लगने वाले मेले में आये झूले वाले व मौत का कुंआ वाले चार परिवार फंसे है मन्दिर पर।
लॉक डाउन खुलने तक नही जाना चाहते सभी लोग।
प्रशासन द्वारा भी दो बार खाद्य सामग्री वितरित की गई।

नईम चौधरी
मीरापुर- होली के आठ दिन बाद शीतला सप्तमी को मीरापुर के शीतला माता मंदिर पर लगने वाले पांच दिवसीय मेले में झूला लगाने वाले व मौत के कुंआ का संचालन करने वाले करीब 18 मुस्लिम लोग लॉक डाउन के कारण पिछले करीब दो माह से मंदिर पर ही फँसे हुए है।रोजगार बन्द होने के कारण सभी को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।ऐसे में इंसानियत व मानवता का अदभुत परिचय देते हुए शीतला माता मन्दिर समिति सभी को पिछले दो माह से भोजन सामग्री उपलब्ध करा रही है।शीतला माता मन्दिर समिति ने सभी को लॉक डाउन तक यही रहने की अनुमति दी है।साथ ही प्रशासन से भी मन्दिर समिति इन्हें दो बार खाद्य सामग्री उपलब्ध करा चुकी है।यहाँ रुके लोग लॉक डाउन लागू रहने तक अपने घर नही जाना चाहते।
कोरोना वायरस के कारण देश मे लागू हुए लॉक डाउन में जहाँ ज्यादातर लोग व संस्थाएं और उधोग पति आर्थिक तंगी का रोना रो रहे है।वही मीरापुर की शीतला माता मंदिर समिति लॉक डाउन के कारण पिछले दो माह से यहाँ फँसे 18 मुस्लिम समुदाय के लोगों समेत 20 लोगों को खाने के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रही है।बता दे कि होली के ठीक आठ दिन बाद मीरापुर के विश्व विख्यात श्री शीतला माता मन्दिर पर प्रत्येक वर्ष शीतला सप्तमी को पाँच दिवसीय मेला लगता है।इसी में झूला लगाने के लिए गाजियाबाद निवासी गुलफाम पुत्र बशीर व मौत के कुंआ का खेल दिखाने के लिए रुड़की निवासी  जुल्फिकार पुत्र इस्लाम  अपने परिवार व अन्य साथियों के साथ 28 फरवरी को यहाँ आ गए थे।इनके साथ इनके परिवार की महिलाओं व बच्चों समेत दिल्ली,बिहार,कानपुर,मध्यप्रदेश के करीब 20 लोग यहाँ आये थे।जिनमें 18 मुस्लिम व 2 हिन्दु शामिल है। 18 मार्च को मेला समाप्त होने के बाद 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर 24 मार्च से कोरोना के कारण देश मे लॉक डाउन लागू हो गया।जिसके चलते उक्त सभी लोग अपने घर को नही जा सके और यही मंदिर पर फ़स गए। तथा मजबूरी में टेन्ट लगाकर  सभी लोग मंदिर समिति की भूमि में ही रुक गए। किन्तु रहने का सहारा मिलने के बावजूद भी  रोजगार बन्द होने के कारण इनके सामने आर्थिक तंगी के चलते खाने-पीने के सामान की समस्या खड़ी होती दिखाई देने लगी।जिस पर मंदिर समिति इनका सहारा बनी और संकट मोचन की तरह पिछले दो माह से इनके लिए खाद्य सामग्री का इंतजाम मंदिर समिति करा रही है।इतना ही नही मन्दिर समिति की सूचना पर प्रशासन भी दो बार इन लोगों को राशन सामग्री वितरित कर चुका है।मन्दिर समिति द्वारा इंसानियत व मानवता का परिचय देते हुए किये जा रहे इस कार्य पर यहाँ परिवार सहित फँसे लोग मंदिर समिति के प्रबंधक अनिरुद्ध शारदा का आभार व्यक्त करते हुए भावुक हो जाते है।प्रशासन द्वारा इन्हें भिजवाने का प्रयास करने पर उक्त सभी लोगों ने प्रशासन को लिखित में प्रार्थना पत्र देकर लॉक डाउन खुलने तक यही रहने देने की अपील की है।