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वायु प्रदूषण गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक , जिला अस्पताल में महिलाओं को बांटे गए मास्क, बचाव की  दी सलाह
November 27, 2019 • TRUE स्टोरी टीम

 

मुज़फ्फरनगर( रविता)। जिले में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना  करना पड़ रहा है। प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी एवं एलर्जी जैसी बीमारियां हो रही हैं। इसी के मद्देनजर जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को ओपीडी के दौरान मास्क बांटे गए, ताकि वह खुद और अपने बच्चे को प्रदूषण से बचा सकें। चिकित्सकों का कहना है कि वायु प्रदूषण के चलते न केवल गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे का मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है, इसके अलावा उसे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी रहता है।

जिला अस्पताल की  मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अमिता गर्ग का कहना है कि गर्भ की शुरुआती स्टेज में प्रदूषण के कई दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। गर्भवती महिला के ज्यादा प्रदूषित वायु में सांस लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे का मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है, इसके अलावा मां को हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा भी रहता है। प्रदूषण का स्तर अस्थमा के रोगियों के लिए तो जानलेवा है ही छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने बताया गर्भवती महिला के प्रदूषित हवा में सांस लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे की धडक़न प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं बच्चे का वजन सामान्य से कम होने का खतरा भी प्रदूषण के चलते बढ़ जाता है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह एवं अच्छे मॉस्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। 

उन्होंने बताया गर्भ में पल रहा भ्रूण अपनी मां से ही पूरा पोषण लेता है। अक्टूबर और नवंबर के महीने के दौरान वायु काफी प्रदूषित रहती है। इस दरमियान यदि किसी महिला को तीन माह तक का गर्भ है तो उसे प्रदूषण से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। इस दौरान मां जिस वायु में सांस लेगी, उसमें यदि प्रदूषक तत्व (कार्बन मोनो आक्साइड पीएम 2.5) मौजूद रहेंगे तो बच्चे को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पाएगी, जिससे उसकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने बताया इस दरमियान गर्भपात की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को थायराइड होने की आशंका भी बढ़ जाती है और भ्रूण के मानसिक विकास में थायराइड की भूमिका होती है। वायु प्रदूषण स्त्री हार्मोन एस्ट्रोजन को प्रभावित करता है।