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वायु प्रदूषण से बढ़ा गर्भपात का खतरा
November 4, 2019 • TRUE स्टोरी टीम

 

रविता।  मेरठ समेत दिल्ली-नोएडा को कई दिनों से घेरे बैठा स्मॉग गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। वायु प्रदूषण के चलते न केवल गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है बल्कि प्री मेच्योर डिलीवरी का अंदेशा भी रहता है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पूजा शर्मा का कहना है कि गर्भ की शुरूआती स्टेज में प्रदूषण के कई दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। गर्भवती महिला के ज्यादा प्रदूषित वायु में सांस लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे का मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है, इसके अलावा उसे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी ज्यादा रहता है।
उन्होंने बताया मेरठ समेत दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक जोन में पहुंच गया प्रदूषण का स्तर अस्थमा के रोगियों के लिए तो जानलेवा है ही छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने बताया गर्भवती महिला के प्रदूषित हवा में सांस लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे की धडक़न प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं बच्चे का वजन सामान्य से कम होने का खतरा भी प्रदूषण के चलते बढ़ जाता है। डा.पूजा ने बताया आजकल ओपीडी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह वह दे रही हैं। यदि घर से बाहर निकलना ज्यादा जरूरी हो, तभी निकलें और अच्छे मॉस्क का इस्तेमाल करें।
उन्होंने बताया गर्भ में पल रहा भ्रूण अपनी मां से ही पूरा पोषण लेता है। अक्टूबर और नवंबर के महीने के दौरान वायु काफी प्रदूषित रहती है। इस दरमियान यदि किसी महिला को तीन माह तक का गर्भ है तो उसे प्रदूषण से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। इस दौरान मां जिस वायु में सांस लेगी, उसमें यदि प्रदूषक तत्व (कार्बन मोनोक्साइडए पीएम 2.5) मौजूद रहेंगे तो बच्चे को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पाएगी, जिससे उसकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने बताया इस दरमियान गर्भपात की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को थायराराइड होने की आशंका भी प्रदूषण के चलते बढ़ जाती है और भ्रूण के मानसिक विकास में थायराइड की भूमिका होती है। वायु प्रदूषण स्त्री हार्मोन एस्ट्रोजन को भी प्रभावित करता है।
जानकार बताते हैं कि घर की वायु को शुद्घ करने के लिए प्राकृतिक फिल्टर यानी पौधे लगाएं। एरेका पाम एक ऐसा पौधा है जो कार्बन डाई ऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलने का काम करता है। एलोवेरा, लिली, स्नेक प्लांट, पाइन प्लांटए, मनी प्लांट और इंग्लिश आईवी ऐसे हरे पौधे जो वायु को शुद्घ करने का काम करते हैं।